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Relationship Quotes In Hindi

कोई टूटे तो उसे सजाना सीखो,
कोई रूठे तो उसे मनाना सीखो,
रिश्ते तो मिलते हैं मुक़द्दर से,
बस उन्हें ख़ूबसूरती से निभाना सीखो।
प्यार इंसान से करो उसकी आदत से नहीं,
रुठो उनकी बातों से मगर उनसे नहीं,
भूलो उनकी गलतियाँ पर उन्हें नहीं,
क्यों की रिश्तों से बढकर कुछ भी नहीं।
एक मिनट लगता है,
रिश्तों का मज़ाक उड़ाने में,
और सारी उम्र बीत जाती हैं,
एक रिश्ते को बनाने में।
दुनिया का सबसे बेहतरीन रिश्ता वही होता है,
जहा एक हलकी सी मुस्कुराहट
और छोटी सी माफी से,
जिंदगी दोबारा पहले जैसी हो जाती है।
सख़्त हाथों से भी फिसल जाती हैं
कभी नाजुक उंगलियां,
रिश्ते ‘ज़ोर’ से नहीं
‘प्यार मोहब्बत” से पकड़े जाते हैं।
तेरा मेरा रिश्ता जज़्बात से जुड़ा है,
ये वो संगम है जो बिन मुलाकात से जुड़ा है,
मिलना बिछड़ना नसीब की बात है,
ये वो बंधन है जो तेरी ख़ुशी
और मेरी चाहत के अहसास से जुड़ा है।
रिश्ते कभी जिंदगी के साथ-साथ नहीं चलते,
रिश्ते एक बार बनते हैं,
फिर जिंदगी रिश्तों के साथ साथ चलती है।
रिलेशनशिप कोट्स इन हिंदी
रिश्ता दिल से होना चाहिए,
शब्दों से नहीं,
नाराज़गी शब्दों में होनी चाहिए,
मन में नहीं।
कुछ लोग पिघल कर मोम की तरह रिश्ते निभाते है
और कुछ लोग आग बनकर उन्हें जलाते ही जाते है।
रिश्तें वो बड़े नहीं होते जो जन्म से जुड़े होते है,
रिश्तें वो बड़े होते है जो दिल से जुड़े होते है।
कुछ खास रिश्ते खास समय में परखे जाते है,
औलाद – बुढ़ापे में,
दोस्त – मुसीबत में,
पत्नी – गरीबी में,
रिश्तेदार – जरुरत में।
रिश्ते अगर मजबूर हो तो,
वह रिश्ता ज्यादा दिन तक नहीं टिकता,
इसलिए रिश्ते को मजबूत बनाए,
मजबूर नहीं।
करीब रहो तो इतना कि रिश्तों में प्यार रहे,
दूर भी रहो इतना कि आने का इंतजार रहे,
रखो उम्मीद रिश्तों कि दरमियान इतनी,
कि टूट जाए उम्मीद पर रिश्ते बरकरार रहे।
हर रिश्ते में विश्वास रहने दो,
ज़ुबान पर हर वक़्त मिठास रहने दो,
यही तो अंदाज़ है जिंदगी जीने का,
न खुद रहो उदास,
न दूसरों को रहने दो।
ना दूर रहने से रिश्ते टूट जाते हैं,
और ना पास रहने से जुड़ जाते हैं,
यह तो एहसास के पक्के धागे है,
जो याद करने से और मजबूत हो जाते है।
हमारी गलतियों से टूट ना जाना,
हमारी शरारत से कभी रूठ ना जाना,
तुम्हारी चाहत ही हमारी ज़िन्दगी है,
इस प्यारे से रिश्ते को कभी भूल ना जाना।
सभी शब्दों का अर्थ मिल सकता है,
परन्तु जीवन का अर्थ जीवन जी कर और
संबंध का अर्थ संबंध निभाकर ही मिल सकता है ।
इतना आसान नहीं है जीवन का हर किरदार निभा पाना,
इंसान को बिखरना पड़ता है रिश्तों को समेटने के लिए।
पत्तों सी होती है कई रिश्तों की उम्र,
आज हरे कल सूखे,
क्यों न हम जड़ों से सीखे रिश्ते निभाना।
रिश्ते एहसास के होते हैं,
अगर एहसास हो तो,
अजनबी भी अपने होते हैं
और अगर एहसास नहीं तो,
अपने भी अजनबी होते हैं।
अपना और पराया क्या है,
मुझे तो बस यही पता है,
जो भावनाओं को समझे वो अपना,
और जो भावना से परे हो वो पराया,
जो दूर रहकर भी पास हो वो अपना,
और जो पास रहकर भी दूर हो वो पराया।
कोशिश करो कि कोई तुमसे ना रूठे,
ज़िंदगी में अपनों का साथ न छूटे,
रिश्ता कोई भी हो उसे ऐसे निभाओ,
की उस रिश्ते की डोर जिंदगी भर ना टूटे।
वो रिश्ते भी प्यारे होते हैं,
जिनमें न हक़ हो न शक हो,
न अपना हो न पराया हो,
न दूर हो न पास हो,
न ज़ज़्बात हो,
सिर्फ एहसास ही एहसास हो।
रिश्ते बनते रहे इतना ही बहुत है,
सब हँसते रहे इतना ही बहुत है,
हर कोई हर वक्त साथ नही रह सकता,
याद एक दूसरे को करते रहे इतना ही बहुत है।
रिश्ते अंकुरित होते हैं प्रेम से,
जिंदा रहते हैं संवाद से,
महसूस होते हैं संवेदनाओं से,
जिये जाते हैं दिल से।
मिलना बिछड़ना सब किस्मत का खेल है,
कभी नफरत तो कभी दिलों का मेल है,
बिक जाता है हर रिश्ता दुनिया में,
सिर्फ दोस्ती ही यहाँ “नॉट फॉर सेल” है।
स्वार्थ से रिश्ते बनाने कि कितनी भी कोशिश करो रिश्ते बनेंगे नहीं
और प्यार से बने रिश्ते तोड़ने की कितनी भी कोशिश करो रिश्ते टूटेंगे नहीं।
रिश्तों पर अनमोल सुविचार
अच्छे रिश्तों को वादे और शर्तों की जरूरत नहीं होती,
बस दो खूबसूरत लोग चाहिए,
एक निभा सके, दूसरा उसको समझ सके।
जीवन के कुछ संबंध ऐसे होते हैं,
जो किसी पद या प्रतिष्ठा के मोहताज नहीं होते,
वे शाश्वत स्नेह और प्रेम की बुनियाद पर टिके होते हैं l
जो रिश्ता हमको रुला दें,
उससे गहरा रिश्ता कोई नहीं,
जो रिश्ता रोते हुए छोड़ दें,
उससे कमजोर रिश्ता कोई नहीं,
बूरे वक्त में भी जो रिश्ता निभाए,
उससे बढ़कर रिश्ता कोई नहीं।
रिश्ते पर अनमोल वचन
खुश हूँ और सबको खुश रखता हूँ,
लापरवाह हूँ फिर भी सबकी परवाह करता हूँ,
मालूम है कोई मोल नहीं मेरा,
फिर भी अनमोल लोगों से रिश्ता रखता हूँ।
रिश्तों सुविचार हिंदी
रिश्ते पर नाज करो,
कल जितना भरोसा था उतना आज करो,
रिश्ते वो नहीं जो खुशी में साथ दे,
रिश्ते तो वो है जो हर पल अपनेपन का अहसास दे।
एक चाहत होती है,
अपनों के साथ जीने की,
वरना पता तो हमें भी है,
कि मरना अकेले ही है,
मित्रता एवं रिश्‍तेदारी ‘सम्‍मान’ की नही ”भाव” की भूखी होती है,
बशर्ते लगाव दिल से होना चाहिए,
दिमाग से नही।
रिलेशनशिप कोट्स इन हिंदी
भूल जीवन का एक पेज है
और सम्बन्ध पूरी किताब,
जरुरत पड़े तो भूल का एक पेज फाड़ देना,
लेकिन एक छोटे से पेज के लिए पूरी किताब नहीं।
रिश्ते कोट्स इन हिंदी
कुछ रिश्ते रब बनाता है,
कुछ रिश्ते लोग बनाते है,
पर कुछ लोग बिना किसी रिश्ते के रिश्ते निभाते है,
शायद वो ही “दोस्त” कहलाते है।
संबंध कभी भी सबसे जीतकर नहीं निभाए जा सकते,
संबंधों की खुशहाली के लिए झुकना होता है,
सहना होता है,
दूसरों को जिताना होता है और
स्वयं हारना होता है।
रिश्ते कैसे निभाए जाते हैं यह बच्चों से सीखे,
जो आपस में लड़ने के थोड़ी देर बाद फिर दोस्त बन जाते हैं।
रिश्तों का संबंध सिर्फ रक्त से ही नहीं होता,
जो मुसीबत में हाथ थाम लें,
उससे बड़ा कोई रिश्ता नहीं होता है।
रिश्ता वो नहीं होता जो दुनिया को दिखाया जाता है,
रिश्ता वह होता है जिसे दिल से निभाया जाता है,
अपना कहने से कोई अपना नहीं होता,
अपना वह होता है जिसे दिल से अपनाया जाता है।
जिंदगी में किसी का साथ काफी है,
कंधे पर किसी का हाथ काफी हैं,
दूर हो या पास फ़र्क नही पड़ता,
सच्चे रिश्तों का तो बस एहसास काफ़ी हैं।
छोटी सी है जिंदगी खुलकर जियो,
भुला के गम सारे दिल से जियो,
उदासी में क्या रखा है मुस्कुरा के जियो,
अपने लिए ना सही अपनों के लिए जियो।
लड़िये, रुठीये पर बातें बंद न कीजिये,
बातों से अक्सर उलझने सुलझ जाती है,
गुम होते है शब्द, बंद होती है जुबान,
संबंध की डोर एसे में और उलझ जाती है।
किसी को नजरों में ना बसाओ,
क्योंकि नजरों में सिर्फ “सपने” बसते हैं,
बसाना ही हैं तो दिल में बसाओ,
क्योंकि दिल में सिर्फ “अपने” बसते हैं।
अगर रिश्ते में पूरी तरह से
विश्वास, ईमानदारी और समझदारी है,
तो इन्हें निभाने के लिए वचन, कसम, नियम,
और शर्तों की कोई जरूरत नहीं है।
अक्सर लोग कहते हैं कि,
वह याद नहीं करता तो,
मैं क्यों करूँ, मैं भी नहीं करता,
हम कहते हैं कि,
रिश्ता आप निभाना चाहते हैं,
इसलिए याद आ रहा है
और रिश्ते निभाने वाले कभी मुकाबला नहीं करते।
कोई भी रिश्ता दिखावे की मोहताज नहीं,
रिश्ता तो हमेशा दिल से अपनाया जाता है,
सच्चे रिश्ते हमेशा भावनाओं से जुड़ी होती है,
स्वार्थ से नहीं।
बातचीत के बिना कोई रिश्ता नहीं,
सम्मान के बिना कोई प्यार नहीं,
विश्वास के बिना निभाए जाने का कोई वजह नहीं।
रिश्ता उन लोगों में गहरा होता है,
जो एक दूसरे के अतीत को स्वीकार करते हैं,
वर्तमान में साथ देते हैं,
भविष्य को प्रोत्साहित करते हैं,
और बहुत प्यार करते हैं।
रिश्ता वो नहीं होता जो दुनिया को दिखाया जाता है,
रिश्ता वह होता है जिसे दिल से निभाया जाता है।
मतलब से कितने ही रिश्ते बनाने की कोशिश करो,
वो रिश्ता कभी नहीं बनता,
और प्यार से बने रिश्ते को तोड़ने की कितनी भी कोशिश करो,
वो रिश्ता कभी नहीं टूटता।
संबंध कभी भी मीठी आवाज़ या
सुंदर चेहरे से नहीं टिकते,
वो टिकते हैं सुंदर ह्रदय और
कभी ना टूटने वाले विश्वास से।
शीशा और रिश्ता दोनो हि बड़े नाजुक होते हैं,
दोनों में सिर्फ एक ही फर्क है,
शीशा गलती से टूट जाता है और रिश्ता गलतफहमी से।
संबंध बहुत ही अनमोल चीज है,
इसकी हर किसी से उम्मीद न रखे,
क्योंकि बहुत कम ही लोग दिल का मोल जानते हैं।
कुछ रिश्ते अजीब होते है आलम तो देखिए,
जोड़े भी नहीं जाते और तोड़े भी नहीं जाते।
जीत की आदत अच्छी होती है,
पर कुछ रिश्तों में हार जाना भी बेहतर होता है।
कच्चे मकान देखकर किसी से रिश्ता ना तोडना दोस्तो,
मिट्टी की पकड मजबूत होती है,
संगमरमर पर तो हमने अक्सर पैर फिसलते हुए देखा है।
रिश्तों को बस इस तरह से बचा लिया करो,
कभी मान जाया करो,
तो कभी मना लिया करो।
वक्त तो रेत है, फिसलता ही जायेगा,
जीवन एक कारवां है, चलता चला जायेगा,
मिलेंगे कुछ खास इस रिश्ते के दरमियां,
थाम लेना उन्हें वरना, कोई लौट के न आयेगा।
रोता वही है जिसने महसूस किया हो सच्चे रिश्ते को,
वरना मतलब का रिश्ता रखने वालों की आँखों में
न शर्म होती है, न ही पानी।
काश लोग समझ जाएँ कि रिश्ते,
एक दूसरे का ख़याल रखने के लिए बनाए जाते हैं,
एक दूसरे का इस्तेमाल करने के लिए नहीं।
ना दूर रहने से रिश्ते टूट जाते हैं
और ना पास रहने से जुड़ जाते हैं,
यह तो एहसास के पक्के धागे हैं,
जो याद करने से और मजबूत हो जाते हैं।
रिश्ता होने से रिश्ता नहीं बनता,
रिश्ता निभाने से रिश्ता बनता है,
दिमाग से बनाये हुए रिश्ते बाजार तक चलते है
और दिल से बनाये रिश्ते आखरी सांस तक चलते है।
जीवन में जख्म बड़े नहीं होते,
उनको भरने वाले बड़े होते है,
रिश्ते बड़े नहीं होते है,
लेकिन रिश्तो को निभाने वाले बड़े होते हैं।
चाहे अपनों के लिए सारी दुनिया से लड़ लेना,
मगर कभी दुनिया की बातों में आकर अपनों से मत लड़ना,
क्युकी दुनिया कभी साथ नहीं देती,
साथ हमेशा अपने ही देते हैं।
कुछ रिश्ते ऊपर वाला बनाता है,
कुछ रिश्ते लोग बनाते हैं,
वो लोग बहुत ही खास होते हैं,
जो बिना रिश्ते के रिश्ता निभाते हैं।
जब रिश्ते नये होता है,
तो लोग बातें करने का बहाना ढ़ुढ़ते है
और जब वही रिश्ता पुराना हो जाता है,
तो लोग दूर होने का बहाना ढूढ़ते है।
कुछ लोगों के साथ खून का रिश्ता नहीं होता,
लेकिन फिर भी उनसे अपनों वाली खुशबू आती है।
दूरियाँ कभी किसी रिश्ते को नहीं तोड़ सकती हैं और
नजदीकियाँ कभी रिश्ते को नहीं बना सकती हैं,
अगर भावनाएँ सच्चे हृदय से हो तो दोस्त दोस्त ही रहते हैं,
फिर चाहे वे मीलों दूर क्यों न हों।
खूबसूरत रिश्ता वह होता है,
जो रूला के मना ले,
उससे गहरा रिश्ता कोई और नहीं होता।
सच्चे रिश्ते हर किसी के पास नहीं होते,
और रिश्ते निभाने वाले हर कोई नहीं होते।
रिश्तों की डोर तब कमजोर होती है,
जब इंसान ग़लतफहमी में,
पैदा होने वाले सवालों का जवाब,
खुद ही बना लेता है।
रिश्ते कभी भी “कुदरती” मौत नहीं मरते,
इनको हमेशा ‘इंसान’ ही क़त्ल करता हैं,
‘नफ़रत’ से,‘नजरअंदाज’ से,
तो कभी ‘गलतफहमी’ से।
कुछ रिश्ते शब्द और सोच की वजह से
खत्म हो जाते हैं,
क्योंकि कभी वह समझ नहीं पाते,
तो कभी समझा नहीं पाते।
रिश्ते एक कच्ची डोरी की तरह होती है,
अगर कभी टूट जाए
और उसे दोबारा जोड़ने की कोशिश करें,
तो गाँठ पड़ जाती है
और रिश्ते कभी पहले जैसे नहीं हो पाते।
रिश्तों मैं अपनापन, प्यार, इज्जत और विश्वास
यह सब है तो अर्थ है,
वरना सब व्यर्थ है।
रिश्ते तब ठीक होते है,
जब गुस्से के समय थोड़ा रुक जाने से
और गलती के समय थोड़ा झुक जाने से।
कहते है की एक गलतफहमी की वजह से
अच्छे से अच्छे रिश्ते को तोड़ देती है,
लेकिन वह रिश्ता अच्छा कैसे हुआ
जो एक गलतफहमी से टूट जाए।
ये रिश्ते भी अजीब होते है,
बिना विश्वास के नहीं होते,
और बिना धोखे के खत्म नहीं होते।
रिश्ते का नाम जरूरी नहीं होता मेरे दोस्त,
कुछ बेनाम रिश्ते भी रुकी जिंदगी को साँस देते है।
हर रिश्ते में नूर बरसेगा बस शर्त इतनी सी है,
की रिश्तों में शरारत करो साजिशें नहीं।
संबंधों की गहराई का हुनर पेड़ों से सीखिए,
जड़ों पर चोट लगते ही शाखें सूख जाती हैं।
रिश्ता बहुत गहरा हो या न हो,
लेकिन भरोसा बहुत गहरा होना चाहिये।
प्यार किसी के साथ रहने का नाम नहीं है,
प्यार तो किसी के बगैर ना रह पाने का नाम है।
जो भी दिल में हो साफ-साफ कह देना चाहिए,
क्योंकि कहने से फैसले होते हैं,
और चुप रहने से फासले होते हैं।
जरूरी नहीं कि इंसान प्यार की मूरत हो,
सुंदर और बेहद खूबसूरत हो,
अच्छा तो वही इंसान होता है,
जो तब आपके साथ हो,
जब आपको उसकी जरुरत हो।
साथ छोड़ने वालों को तो एक बहाना चाहिए,
वरना निभाने वाले तो,
मौत के दरवाज़े तक साथ नही छोड़ते।
रिश्ते तोड़ने तो नहीं चाहिए,
लेकिन जहाँ कदर ना हो,
वहाँ निभाने भी नहीं चाहिए।
अपनी दोस्ती का बस इतना सा उसूल है,
जो तू कबूल है,
तो तेरा सब कुछ कबूल है।
ना कुछ पाना है,
ना कुछ खोना है,
मेरी माँ की गोद मिल जाये,
मुझे बस सोना है।
रिश्ते निभाना हर किसी के बस की बात नहीं,
अपना दिल दुखाना पड़ता है,
किसी और की ख़ुशी के लिए।
हर किसी को उतनी जगह दो,
दिल में जितनी वो आपको देता है,
वरना या तो खुद रोओगे,
या वो आपको रुलायेगा।
जिंदगी में कभी देख लो,
अपनी माँ की आँखो मे,
ये वो शीशा है,
जिसमें बेटे कभी भी बूढ़े नही होते।
दान देने से पहले
अपने कमजोर भाई को सहारा दो,
क्योंकि तुम्हारे दान की भगवान से ज्यादा,
तुम्हारे भाई को जरूरत है।
रिश्ता अक्सर वो ही कामयाब होता है,
जो दुनिया की मजबूरियों से ज्यादा,
अपने दिल के जज़्बात की परवाह करता है।
दर्पण हमारा सच्चा यार ही होता है,
क्योंकि जब हम रोते है,
तो वह कभी नहीं हंसेगा।
कोई मुझ से पूछ बैठा
“बदलना” किसे कहते हैं?
सोच में पड़ गया हूँ,
मिसाल किस की दूँ?
“मौसम” की या “अपनों” की।
तीन चीजें किस्मत वालों को ही मिलती है,
सच्चा प्यार, सच्चा यार और
अपने काम से काम रखने वाले रिश्तेदार।
अगर दो लोगो में कभी लड़ाई ना हो तो समझ लेना,
रिश्ता दिल से नहीं
दिमाग से निभाया जा रहा है।
रिश्तों की कदर करें,
क्योंकि उसे खोना आसान है,
पर उसे वापस पाना बहुत मुश्किल।
कभी भी दूसरों की बातें सुनकर
अपने रिश्ते को खत्म मत करिए,
रिश्ते अपने होते हैं,
दूसरों के नहीं।
रिश्ते वही लोग खो देते हैं,
जो लोग रिश्तों से ज्यादा अपने
ईगो को महत्व देते हैं।
हर रिश्ते में मुस्कुराहट और
दुआ हमेंशा बांटते रहें,
रिश्ते हमेशा खुश रहेंगे।
अपने रिश्तों में इतना अपनापन, प्यार, इज़्ज़त रखो,
कि जो इस रिश्ते को खोएगा यकीनन रोएगा।
उन्ही रिश्तों को अपना अच्छा वक्त दो,
जो रिश्ते बुरे वक्त में साथ दें।
कोई रिश्ता बड़ा नहीं होता,
बस जो उस रिश्ते को संभाल ले,
वह सबसे बड़ा होता है।
रिश्ते ऐसे होने चाहिए,
जिसमें कितनी भी आंधी आए,
झगड़े हो फिर भी कभी ना टूटे।
रिश्तों में कभी विश्वास मत तोड़ना,
अगर पसंद नहीं है,
तो उस रिश्ते को खत्म कर दो।
प्यार तब बढ़ जाता है,
रिश्तों में जब झगड़े होते हैं,
तभी तो पता चलता है कि,
किसके दिल में क्या फीलिंग है।
रिश्तों में झगड़े होते रहते हैं,
बस कोई रूठे तो उसे मनाना सीखो
और झगड़े को सुलझाना सीखे।
रिश्ते तो एहसास से जुड़े होते है
और जहाँ एहसास नहीं होते,
वहाँ रिश्ते नहीं होते।
जिन रिश्तों पर कभी शक ना हो न,
तो वह रिश्ता बहुत खूबसूरत होता है।
जब आप सबसे अच्छे दोस्त होते हैं,
और एक दूजे के होते हैं,
तो रिश्ता हमेशा मजबूत होता है।
आज कल के रिश्तो के पास वक्त ही नहीं है,
अब सिर्फ जरूरत पड़ने पर ही याद करते है।